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Radio Nasha - HT smartcast - Raaga.com - A World of Music

Radio Nasha - HT smartcast

358

Episodes

358 Episodes Play All Episdoes
S1E90 On the Other Side of a Cardiac Arrest
Crazy For Kishore
access_time30 days ago
In this episode, Amit Kumar tells us about the changes that happened in Kishore Kumar's life after he suffered from a cardiac arrest. Tune in to find out about the turn that his life took after this incident.
S1E89 Kishore Kumar's Last Wish
Crazy For Kishore
access_time30 days ago
In this episode, Amit Kumar tells us about Kishore Kumar's last wish. Tune in now to know whether his last wish came true or not.
S1E88 Kishore Kumar & Hrishikesh Mukherjee ke Crazy Kisse
Crazy For Kishore
access_time30 days ago
In this episode, Amit Kumar tells us about the strange incidents that happened between Kishore Da and Hrishikesh Mukherjee. Did you know? Kishore Da accidentally made himself bald and hid in a hotel room for more than 5 days. Tune in to this episode to know how this happened!
S1E87 True Fans of K. L. Saigal
Crazy For Kishore
access_time30 days ago
In this episode, Amit Kumar tells us that Kishore Kumar and Lata Mangeshkar were true fans of KL Sehgal. Did you know? Lata bought a radio set from her savings and sold it at a loss after hearing the news of KL Sehgal's death.
S1E86 Voice Of Kishore Kumar
Crazy For Kishore
access_time30 days ago
In this episode, Amit Kumar praises Kishore Kumar's voice and tells about the famous songs of Kishore Kumar, which people still listen to and sing.
S1E85 Ashok Kumar ke kisse
Crazy For Kishore
access_time30 days ago
In this episode, Amit Kumar talks about Kishore da's brother Ashok Kumar and tells us an interesting story from the set of Jeevan naiya. Tune in to find out.
S1E84 Door Gagan Ki Chhaon Mein
Crazy For Kishore
access_time30 days ago
In this episode, Amit Kumar talks about Kishore da's directed movie 'Door Gagan Ki Chhaon Mein'. Did you know? Kishore Kumar worked as an actor, producer, writer, and music composer for this film. Tune to find out more in this episode.
S1E83 Kishore Kumar Unlucky for shows
Crazy For Kishore
access_time30 days ago
In this episode, Amit Kumar tells why Kishore da never wants to be Chief Guest for the show. Tune to find out.
S1E82 Kishore Da's Hobbies
Crazy For Kishore
access_time30 days ago
In this episode, Amit Kumar tells us about Kishore da's favourite hobbies and interests. Tune in to find out how Kishore da enjoyed spending his time when he wasn’t working.
S1E81 Kishore Da ka Crazy Kissa
Crazy For Kishore
access_time30 days ago
In this episode, Amit Kumar talks about the craziest gesture of Kishore da that once made Hrishikesh Mukherjee laugh his lungs out. Tune in to find out what happened.
S1E80 Interesting Facts that you need to know about Kishore
Crazy For Kishore
access_time30 days ago
In this episode, Amit Kumar shares interesting facts about Kishore da. Facts related to his education, religion, and spiritual journey. Tune in to find out.
S1E79 Kishore Da's Second Performance
Crazy For Kishore
access_time30 days ago
In this episode, Amit Kumar talks about the event in Kolkata and tells us how this show made Kishore da famous not only in India but also around the world. Tune in to this interesting story!
S1E78 Turning Point of Kishore Da's life
Crazy For Kishore
access_time30 days ago
In this episode, Amit Kumar talks about the second chance that changed Kishore da's life, made him the king of the stage, and a great singer as well. Tune in to find out.
S2E27 |  कौन मरता है ज़िंदगी के लिए - Sadat Nazeer
Khayal
access_time10 months ago
आज का ख्याल शायर सादात नज़ीर साहब की कलम से | शायर कहते है - कौन मरता है ज़िंदगी के लिए, जी रहा हूँ तिरी ख़ुशी के लिए | सादात नज़ीर जी एक जाने माने लेखक और शायर है। उन्होंने कई किताबे लिखी है।
S2E26 | बदन में जैसे लहू ताज़ियाना हो गया है - Irfan Siddiqi
Khayal
access_time10 months ago
आज का ख्याल शायर इरफ़ान सिद्दीकी साहब की कलम से। शायर कहते है - 'बदन में जैसे लहू ताज़ियाना हो गया है'। इरफ़ान सिद्दीकी सबसे महत्वपूर्ण आधुनिक शायरों में शामिल थे और अपने नव-क्लासिकी लहजे के लिए विख्यात।
S2E5 | खराबी का आग़ाज़ कहा से हुआ यह बताना है मुश्किल- Azam Bahzad
Khayal
access_time10 months ago
आज का ख्याल शायर आज़म बहज़ाद की कलम से । शायर कहते है -खराबी का कहा से हुआ यह बताना है मुश्किल, कहा ज़ख्म खाये कहा से हुए वार यह भी दिखाना है मुश्किल। आज़म बेहज़ाद ने 1972 में कविता लिखना शुरू किया और सबसे लोकप्रिय समकालीन कवियों रूप में उभरे। उन्हें आलोचकों और जनता द्वारा समान रूप से सराहा गया था। उनके उपन्यास और रूपकों के लिए उनकी बहुत सराहना की गई थी। इसके अलावा, उन्हें जनता द्वारा उनके 'तरन्नुम' के लिए भी पसंद किया जाता था और अक्सर मुशायरों में इसके लिए अनुरोध किया जाता था।
S2E24 | तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है - Nida Fazli
Khayal
access_time10 months ago
आज का ख्याल शायर निदा फाजली साहब की कलम से। शायर कहते है - 'तू इस तरह से मेरी ज़िंदगी में शामिल है, जहां भी जाऊं ये लगता है, तेरी महफ़िल है'। निदा फाजली हिंदी और उर्दू के मशहूर शायर, गीतकार थे। वे 1964 में मुंबई आए और धर्मयुग पत्रिका और ब्लिट्ज जैसे अखबार में काम किया। उनकी काव्य शैली ने फिल्म निर्माताओं और हिंदी और उर्दू साहित्य के लेखकों को आकर्षित किया।
S2E23 | कुंज-ए-तन्हाई - Sabir Alvi
Khayal
access_time11 months ago
आज का ख्याल शायर साबिर अल्वी साहब की कलम से। शायर कहते है - 'कुंज-ए-तन्हाई के अफगार में क्या रखा है'।
S2E22 | आए हो तो ये हिजाब क्या है - Mushafi Ghulam Hamdani
Khayal
access_time11 months ago
आज का ख्याल शायर ग़ुलाम हमदानी मुसहफ़ी की कलम से। शायर कहते है - 'आए हो तो ये हिजाब क्या है'। ग़ुलाम हमदानी मुसहफ़ी उर्दू के बड़े शायर हुए। इनके समकालीन और प्रतिद्वंदी इंशा और जुरअत थे। यहाँ मीर, दर्द, सौदा और सोज़ जैसे शायर वृद्ध हो चले थे। इनका असर इनकी शाइरी पर पड़ा।
SE21 | इतना मालूम है - Parveen Shakir
Khayal
access_time11 months ago
आज का ख्याल शायर परवीन शाकिर की कलम से। शायर कहते है - 'अपने बिस्तर पे बहुत देर से मैं नीम-दराज़, सोचती थी कि वो इस वक़्त कहाँ पर होगा'। सैयदा परवीन शाकिर, एक उर्दू कवयित्री, शिक्षक और पाकिस्तान की सरकार की सिविल सेवा में एक अधिकारी थीं। फ़हमीदा रियाज़ के अनुसार ये पाकिस्तान की उन कवयित्रियों में से एक हैं जिनके शेरों में लोकगीत की सादगी और लय भी है और क्लासिकी संगीत की नफ़ासत भी और नज़ाकत भी।
S2E20 | उनसे बढ़ते फासले और मै = Tabish Mehdi
Khayal
access_time11 months ago
आज का ख्याल शायर तबिश मेहदी साहब की कलम से। शायर कहते है - 'उनसे बढ़ते फासले और मै'। तबिश मेहदी का जन्म 3 जुलाई 1951 को प्रतापगढ़ में हुआ था। कविता संग्रह पर उनकी पुस्तकें "ताबीर" और "सलसबील" हैं, जो क्रमशः 1998 और 2000 में प्रकाशित हुई हैं। इस एपिसोड में हमारे साथ एक मेहमान शायर भी है और उनका ख्याल है - 'मरना आसान लगने लगा'।
S2E19 | पीने की शराब और - Zaheer Dehlvi
Khayal
access_time12 months ago
आज का ख्याल शायर जहीर देहलवी साहब की कलम से। शायर कहते है - 'पीने की शराब और जवानी की शराब और'। जहीरुद्दीन को जहीर देहलवी के नाम से जाना जाता था। उनके पिता, सैयद जलालुद्दीन हैदर, सुलेख में शाह ज़फ़र के गुरु थे। जहीर को बचपन से ही शायरी का शौक था। वह चौदह वर्ष की आयु में ज़ोक देल्हवी के शिष्य बन गए।
S2E18 | वो चाँद है तो अक्स भी पानी में आएगा - Iqbal Sajid
Khayal
access_time12 months ago
आज का ख्याल शायर इक़बाल साजिद साहब की कलम से। शायर कहते है - 'वो चाँद है तो अक्स भी पानी में आएगा, किरदार ख़ुद उभर के कहानी में आएगा'। मोहम्मद इकबाल का जन्म 1932 में सहारनपुर जिले के लंढूरा में हुआ था। विभाजन के बाद वे लाहौर चले गए। उसने दसवीं तक ही पढ़ाई की थी। उनकी गरीबी ने उन्हें अपनी कविता बेचने के लिए मजबूर किया लेकिन यह उनकी कविता की उपयोगिता साबित करता है।
S2E17 | इस खुर्दुरी ग़ज़ल को - Muzaffar Hanfi
Khayal
access_time12 months ago
आज का ख्याल शायर मुज़फ़्फ़र हनफ़ी साहब की कलम से। शायर कहते है - 'इस खुर्दुरी ग़ज़ल को, ना यूं मुंह बना के देख'। मुज़फ़्फ़र हनफ़ी साहब अदब में वह कादिर उल कलाम शायर के रूप में जाने जाते थे। उनकी पहचान एक ऐसे शायर की थी जिसे किसी भी खयाल को शेर में बांधने का हुनर आता था।
और बेशक़ ज़माने ने उसे
Khayal
access_time12 months ago
आज का ख्याल शाद आरफ़ी की कलम से। शायर कहते है - 'देख कर शेर ने उसको नुक्ता-ए-हिकमत कहा,और बेशक़ ज़माने ने उसे "औरत" कहा' | शाद आरफ़ी की गिनती उर्दू के महत्वपूर्ण शायरों में होती है। उन्होंने ग़ज़ल-नज़्म दोनों ही विधाओं में रचना की। शाद एक संवेदनशील व्यक्ति थे, उनकी शायरी में पायी जाने वाली संवेदना ख़ुद उनकी ज़िंदगी के अनुभवों से भी आयी है |
S2E15 | मेरे हमनफ़स, मेरे हमनवा - Shakeel Badayuni
Khayal
access_time12 months ago
आज का ख्याल शायर शकील बदायूनी की कलम से। शायर कहते है - 'मेरे हमनफ़स, मेरे हमनवा, मुझे दोस्त बनके दग़ा न दे'। शकील बदायूनी मसऊदी का जन्म स्थान उत्तर प्रदेश का शहर बदायूँ है। यह एक उर्दू के शायर और साहित्यकार थे। लेकिन इन्होंने बालीवुड में गीत रचनाकार के रूप में नाम कमाया।
S2E14 | होता है शब-ओ-रोज़ तमाशा मेरे आगे - Mirza Ghalib
Khayal
access_time12 months ago
आज का ख्याल शायर मिर्ज़ा ग़ालिब की कलम से। शायर कहते है - 'बाज़ीचा-ए-अतफ़ाल है दुनिया मेरे आगे, होता है शब-ओ-रोज़ तमाशा मेरे आगे'। मिर्ज़ा असदुल्लाह बेग ख़ान, जो अपने तख़ल्लुस ग़ालिब से जाने जाते हैं, उर्दू एवं फ़ारसी भाषा के एक महान शायर थे। इनको उर्दू भाषा का सर्वकालिक महान शायर माना जाता है और फ़ारसी कविता के प्रवाह को हिन्दुस्तानी जबान में लोकप्रिय करवाने का श्रेय भी इनको दिया जाता है।
S2E13 | ख़ुशबू जैसे लोग मिले अफ़्साने में - Gulzar | Gulzar Sahab B'day Special
Khayal
access_time1 year ago
आज का ख्याल शायर गुलज़ार साहब की कलम से। शायर कहते है - 'ख़ुशबू जैसे लोग मिले अफ़्साने में, एक पुराना ख़त खोला अनजाने में'। ये एक स्पेशल एपिसोड है गुलज़ार साहब की जन्मदिन के मौके पर। अगर आपको भी गुलज़ार साहब की कलम से मोहब्बत है तो आइये @htsmartcast के सोशल मीडिया हैंडल पर और साथ मनाइये गुलज़ार साहब का जन्मदिन।
S2E12 | वो हमसफ़र था - Naseer Turabi
Khayal
access_time1 year ago
आज का ख्याल शायर नसीर तुराबी की कलम से। शायर कहते है - 'वो हम-सफ़र था मगर उस से हम-नवाई न थी'। नसीर तुराबी उर्दू के अजीम शायर हैं जिनका फन जगजाहिर है। नसीर साहब की पैदाइश निजाम के शहर हैदराबाद से थी। लेकिन भारत पाकिस्तान बंटवारे के वक्त उनके पिता परिवार सहित पाकिस्तान के कराची में जाकर बस गए।
S2E11 | आए जज़्बा-ए-दिल गर मैं चाहूं - Behzad Lucknavi
Khayal
access_time1 year ago
आज का ख्याल शायर बेहज़ाद लखनवी की कलम से। शायर कहते है - 'आए जज़्बा-ए-दिल गर मैं चाहूं'। बेहज़ाद लखनवी एक पाकिस्तानी उर्दू कवि और गीतकार थे। उन्होंने मुख्य रूप से नात और ग़ज़लें लिखीं और कभी-कभी ऑल इंडिया रेडियो, दिल्ली के लिए और बाद में पाकिस्तान में प्रवास के बाद रेडियो पाकिस्तान के लिए रेडियो नाटक लिखे।
S2E10 | कौन आयेगा यहाँ - Kaif Bhopali
Khayal
access_time1 year ago
आज का ख्याल शायर कैफ़ भोपाली की कलम से। शायर कहते है - 'कौन आयेगा यहाँ कोई न आया होगा'। कैफ़ भोपाली एक भारतीय उर्दू शायर और फ़िल्मी गीतकार थे। वे 1972 में बनी कमाल अमरोही की फिल्म पाक़ीज़ा में मोहम्मद रफ़ी द्वारा गाये गीत "चलो दिलदार चलो " से लोकप्रिय हुए।
S2E9 | मैं तो दरिया हूं समुंदर में उतर जाऊंगा - Ahmad Nadeem Qasmi
Khayal
access_time1 year ago
आज का ख्याल शायर अहमद 'नदीम' क़ासमी की कलम से। शायर कहते है - 'मैं तो दरिया हूं समुंदर में उतर जाऊंगा'।अहमद 'नदीम' क़ासमी तरक़्क़ी-पसंद शायर के तौर पर पहचाने जाते हैं. इसके अलावा वह एक मशहूर अफ़साना निगार भी रहे। उन्होंने 'फ़नून' नाम से एक अदबी रिसाला भी जारी किया।
S2E8 | बड़ा अँधेरा है - Saghar Siddiqui
Khayal
access_time1 year ago
आज का ख्याल शायर साग़र सिद्दीक़ी की कलम से। शायर कहते है - चराग़-ए-तूर जलाओ बड़ा अँधेरा है। साग़र सिद्दीक़ी 1928 में अंबाला में पैदा हुए। उनका ख़ानदानी नाम मुहम्मद अख़्तर था। साग़र के घर में बदतरीन ग़ुरबत थी। इस एपिसोड में आप में से एक मेहमान शायर भी है। शायर का नाम है - मनीष चंद्रा और उनका ख्याल है 'वक़्त की चीखें सुनाई नहीं देती हमको'।
S2E7 | दे मोहब्बत तो मोहब्बत में असर पैदा कर - Bekhud Dehlvi
Khayal
access_time1 year ago
आज का ख्याल शायर बेख़ुद देहलवी की कलम से। शायर कहते है - दे मोहब्बत तो मोहब्बत में असर पैदा कर। खुद देहलवी जी का जन्म 21 मार्च 1863 में राजस्थान के भरतपुर जिले में हुआ था इनका पूरा नाम सईद वहीदुद्दीन अहमद था ये एक प्रसिद्ध उर्दू के शायर के नाम से प्रसिद्ध थे और इनकी मृत्यु 2 अक्टूबर 1955 में हुई |
S2E6 | मुझसे पहली सी मुहब्बत - Faiz Ahmad Faiz | Tribute to Surekha Seekri
Khayal
access_time1 year ago
आज का ख्याल शायर फ़ैज़ अहमद फ़ैज़ की कलम से। शायर कहते है - मुझसे पहली सी मुहब्बत, मेरे मेहबूब ना माँग। इस एपिसोड में पीयूष ने याद किया है मशहूर बॉलीवुड अभिनेत्री सुरेखा सीकरी जी को, जीना बीते दिन ही दिहांत हुआ।
S2E5 | ग़म हर इक आँख को छलकाए - Fana Nizami Kanpuri
Khayal
access_time1 year ago
आज का ख्याल शायर फ़ना निज़ामी कानपुरी की कलम से। शायर कहते है - ग़म हर इक आँख को छलकाए जरूरी तो नहीं। फ़ना पारंपरिक ग़ज़ल-शायरी के रस-रंग, सुगंध, भाव और लय को अपने एक नए अन्दाज़ से पेश करने वाले प्रमुख शायर थे, जिन्होंने ज़बरदस्त लोकप्रियता हासिल की।
S2E4 | ये मुलाक़ात मुलाक़ात नहीं होती है  - Hafeez Jalandhari
Khayal
access_time1 year ago
आज का ख्याल शायर ख़्वाजा हफ़ीज़ जालंधरी की कलम से। शायर कहते है - ये मुलाक़ात मुलाक़ात नहीं होती है। हफ़ीज़ जालंधरी ने 11 वर्ष की उम्र से नियमित शायरी शुरू कर दी थी। हफ़ीज़ जालंधरी के क़लाम के 3 संकलन प्रकाशित हुए हैं।1-नग़्म-ए-ज़ार 2- सोज़ो-साज़ 3- तल्ख़ाबा शीरीं। इस एपिसोड में आप में से एक मेहमान शायर भी है। शायर का नाम है - लल्लन और उनका ख्याल है 'फिर रात तवे पर है'।
S2E3 | ये आरज़ू थी - Haidar Ali Aatish
Khayal
access_time1 year ago
आज का ख्याल शायर ख़्वाजा हैदर अली 'आतिश' की कलम से। शायर कहते है - ये आरज़ू थी तुझे गुल के रूबरू करते, हम और बुलबुल-ए-बेताब गुफ़्तगू करते। आतिश बुनियादी तौर पर इश्क़-ओ-आशिक़ी के शायर थे। आतिश, मिर्ज़ा ग़ालिब के समकालीन, 19वीं सदी में उर्दू ग़ज़ल का चमकता सितारा थे।
S2E2 | इक पल में इक सदी का मज़ा - Khumar Barabankvi
Khayal
access_time1 year ago
आज का ख्याल शायर ख़ुमार बाराबंकवी की कलम से। शायर कहते है - इक पल में इक सदी का मज़ा हम से पूछिए। 15 सितम्बर 1919 को जन्मे खुमार बाराबंकवी का मूल नाम मोहम्मद हैदर खान था। महान शायर और गीतकार मजरूह सुलतानपुरी उनके अज़ीज़ दोस्त थे।
S2E1 | मगर ये ज़ख्म ये मरहम - Jaun Elia
Khayal
access_time1 year ago
आप सब से बेहद प्यार बटोरने के बाद, RJ पीयूष बापस आ गए है सीजन-2 के साथ। सीजन-2 का पहला ख्याल विख्यात शायर जॉन एलिया की कलम से। जॉन एलिया का जन्म 14 दिसंबर 1931 को अमरोहा में हुआ। यह अब के शायरों में सबसे ज्यादा पढ़े जाने वाले शायरों में शुमार हैं। शायद, यानी, गुमान इनके प्रमुख संग्रह हैं। इनकी मृत्यु 8 नवंबर 2002 में हुई।
#60 Dus Rupay
Choti Si Kahani
access_time1 year ago
This is Dev's story that starts off with Dev struggling with finding a job, and luck not shining for him. His friend Ayush gives him a call that brings a ray of hope. Dev leaves for his interview and meets an old woman who asks him for 10 rupees. Tune in to know what happens next. Story by - Naveen Kumar (@naveen.95)
#59 Message
Choti Si Kahani
access_time1 year ago
In this episode, Peeyush tells us Aniket's & Meera's story. This duo wanted to live life on their own terms - They wanted to decide the script of their own life. Little did they know, someone else is writing the script for them. Tune in to know the twists and turns in Aniket & Meera's love story.
#58 Judge Me Please
Choti Si Kahani
access_time1 year ago
In this Women's Day special episode, Peeyush tells us Kavya's story - How she's always judged throughout her life, be it at home, office, or matrimonial alliances. Tune in to know how Kavya flipped the narrative for herself.
# 57 This Valentine Say It In Time
Choti Si Kahani
access_time2 years ago
In this episode, Piyush tells us why It is always better to communicate with your partner and express your feeling in Time. Tune in to this episode now!!
#56 Is Pyaar Ko Main Kya Naam Doon?
Choti Si Kahani
access_time2 years ago
In this episode, we hear Tamanna and Sahil's story and how it builds up in the era of Facebook, Messengers, and Emojis. Tune in to find out how this new age romance takes its course. But, is kahani mein ek twist hai - yeh love story, Facebook ki zubaani!
#55 A Soldier Who Cheated Death
Choti Si Kahani
access_time2 years ago
In this episode, Piyush tells us the story of Lakshay. A dutiful Soldier, son, and friend. He sacrifices his life to save his country from the enemy while giving love and comfort to his mother in her last days. Tune in to this episode to know how he managed to do so?
#55 A Soldier Who Cheated Death
Choti Si Kahani
access_time2 years ago
In this episode, Piyush tells us the story of Lakshay. A dutiful Soldier, son, and friend. He sacrifices his life to save his country from the enemy while giving love and comfort to his mother in her last days. Tune in to this episode to know how he managed to do so?
#54 Ignore Mar
Choti Si Kahani
access_time2 years ago
A story of Priya who takes action against sexual harassment at the workplace. Tune into this episode now!
#53 Share
Choti Si Kahani
access_time2 years ago
A story of Mayank who gets 'Shares' for sharing love and comfort with father. Tune into this episode to know more!
#52 Be a Santa
Choti Si Kahani
access_time2 years ago
This story starts from an office canteen setting on a typical Monday morning! Nilesh opens up to Sharma Ji about something that has been bothering him. Tune in to know what's troubling Nilesh this holiday season and how Sharma Ji shares important learnings with him.